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Principal Sarathi VP & Principal 2026

सामान्य हिंदी

Syllabus head (ii) — Hindi and English language skills | Chapter 11 of 18

60questions, every one explained
10items in the 2022 paper drew on this chapter

Why this chapter matters

Three questions from this chapter, solved

Every one of the 60 items is written this way — the answer, and why each wrong option is wrong.

'संधि' का विलोम है —

  1. (a) समास
  2. (b) मेल
  3. (c) योग
  4. (d) विग्रह
Answer (d).

विग्रह — संधि (मेल/समझौता) का शास्त्रीय विलोम विग्रह (अलगाव/युद्ध); व्याकरण में भी संधि खोलने को विग्रह/विच्छेद कहते हैं, पर विलोम-युग्म 'संधि-विग्रह' ही मानक है। (b) 'मेल' और (c) 'योग' संधि के पर्याय हैं, विलोम नहीं; (a) 'समास' भी पदों को जोड़ता है — वह संधि का विपरीत नहीं।

'स्वागत' का सही संधि-विच्छेद है —

  1. (a) स्व + आगत
  2. (b) सु + आगत
  3. (c) स्वा + गत
  4. (d) सू + आगत
Answer (b).

सु + आगत — उ + आ = व् + आ = वा (यण संधि)। (a) 'स्व + आगत' लोकप्रिय गलती है — स्व + आगत से भी दीर्घ संधि (अ + आ = आ) द्वारा यही रूप बन सकता है, पर अर्थ नहीं बैठता — स्वागत का अर्थ है 'अच्छी तरह आया हुआ', अर्थात सु (अच्छा) + आगत (आया हुआ), जो यण संधि है।

'दशानन' (अर्थ — रावण) में कौन-सा समास है?

  1. (a) द्विगु
  2. (b) कर्मधारय
  3. (c) बहुव्रीहि
  4. (d) तत्पुरुष
Answer (c).

बहुव्रीहि — विग्रह: दस हैं आनन जिसके वह — रावण; पद किसी तीसरे का बोधक है। (a) द्विगु का लोकप्रिय जाल: संख्या से आरंभ होने मात्र से द्विगु नहीं होता — समूह का अर्थ चाहिए, व्यक्ति का नहीं।

कारक (Case / विभक्ति)

A.1 परिभाषा और नियम

कारक = संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जिससे उसका क्रिया के साथ संबंध प्रकट हो। यह संबंध जिन चिह्नों (परसर्गों) से व्यक्त होता है, उन्हें विभक्ति-चिह्न या परसर्ग कहते हैं (ने, को, से, का, में, पर आदि)।

हिंदी में 8 कारक माने जाते हैं —

क्र. कारक विभक्ति-चिह्न अर्थ/कार्य पहचान-प्रश्न
1 कर्ता ने (या शून्य) क्रिया को करने वाला क्रिया कौन करता है?
2 कर्म को (या शून्य) जिस पर क्रिया का फल पड़े क्या/किसे (क्रिया का फल)?
3 करण से, के द्वारा जिस साधन से क्रिया हो किस साधन/माध्यम से?
4 संप्रदान को, के लिए जिसके लिए क्रिया हो / जिसे कुछ दिया जाए किसके लिए? किसे दिया?
5 अपादान से (अलगाव) जिससे कोई वस्तु अलग हो किससे अलग हुआ?
6 संबंध का, की, के; रा, री, रे संज्ञा का संज्ञा से संबंध किसका/किसकी/किसके?
7 अधिकरण में, पर क्रिया का स्थान/समय/आधार कहाँ? किसमें? किस पर?
8 संबोधन हे! अरे! ओ! पुकारने/बुलाने का भाव किसे पुकारा गया?

स्मरण-सूत्र (क्रम याद रखने हेतु): "कर्ता कर्म करण संप्रदान, अपादान संबंध अधिकरण संबोधन" — अथवा लोकप्रिय दोहा: "कर्ता ने अरु कर्म को, करण रीति से जान। संप्रदान को, के लिए, अपादान से मान॥ का, के, की संबंध हैं, अधिकरण में, पर मान। रे! हे! हो! संबोधन, मित्र धरहु यह ध्यान॥"

A.2 प्रत्येक कारक — संक्षिप्त टिप्पणी

A.3 दस उदाहरण-वाक्य (कारक-पहचान सहित)

वाक्य रेखांकित पद कारक
राम ने रावण को मारा। ने / को कर्ता / कर्म
बच्चा छत से गिर पड़ा। से अपादान (अलगाव)
वह कलम से पत्र लिखता है। से करण (साधन)
सेठ ने भिखारी को कंबल दिया। को संप्रदान (देने का भाव)
शिक्षिका ने छात्र को बुलाया। को कर्म (फल छात्र पर)
यह सोने की अँगूठी है। की संबंध
मेज़ पर पुस्तकें रखी हैं। पर अधिकरण
हे ईश्वर! सबका भला करो। हे संबोधन
गरीबों के लिए वस्त्र लाओ। के लिए संप्रदान
वह बस से विद्यालय जाता है। से करण (माध्यम)

A.4 दो प्रसिद्ध जाल (Traps)

जाल 1 — 'से' : करण या अपादान? दोनों का चिह्न 'से' है। कसौटी —

जाल 2 — 'को' : कर्म या संप्रदान? दोनों का चिह्न 'को' है। कसौटी —

परीक्षक की दृष्टि: प्रश्न प्रायः इसी रूप में आता है — "निम्न वाक्य में 'से' किस कारक का चिह्न है?" और विकल्पों में करण तथा अपादान दोनों रखे जाते हैं। पहले क्रिया देखें: गिरना, निकलना, डरना, अलग होना → अपादान; लिखना, काटना, जाना (साधन से) → करण। इसी तरह 'को' वाले प्रश्न में "देना/लाना/भेजना (किसी के लिए)" दिखे तो संप्रदान चुनें।


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